स्वर वर्ण : भाषा के प्राण, वाणी की आत्मा
एक साहित्यिक, भाषावैज्ञानिक एवं दार्शनिक विमर्श ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह साझा किया जाए। भाषा और व्याकरण…
एक साहित्यिक, भाषावैज्ञानिक एवं दार्शनिक विमर्श ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह साझा किया जाए। भाषा और व्याकरण…
कहा गया है कि कर्म मनुष्य के चरित्र का दर्पण होते हैं। यह बात सुनने में जितनी सरल लगती है, व्यवहार में उतनी ह…
विद्या ददाति विनयम् : डिग्रियों के जंगल में खोया विनय विद्यालय की दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा रहता …
माधव! तुम्हारी योजनाएँ मेरी बुद्धि से बाहर हैं। पर मेरा विश्वास है कि मेरे लिए कोई खड़ा हो या न हो, तुम मेरा …
विद्या ददाति विनयम् : डिग्रियों के जंगल में खोया विनय विद्यालय की दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा रहता …
कहते हैं कि ज्ञान ही शक्ति है। परन्तु यह बात उस युग की है जब ज्ञान का अर्थ वेद, विज्ञान, दर्शन या अनुभव हुआ क…
“क्षमाशस्त्रं करे यस्य दुर्जनः किं करिष्यति।” हमारे देश में शस्त्रों की बड़ी महिमा रही है। किसी के पास तलवार …
आंदोलन, आरती और बेरोज़गारी का राष्ट्रीय उत्सव हमारा देश बड़ा लोकतांत्रिक है। यहाँ हर आदमी को अधिकार है कि वह …
देश बदल रहा है। पहले बच्चों से पूछा जाता था— “बेटा बड़े होकर क्या बनोगे?” अब पूछा जाता है— “बेटा, ट्रोल बनोगे…
भूमिका के रूप में यह समझ लीजिए कि हमारे देश में परीक्षा अब केवल परीक्षा नहीं रह गई है, वह लोकतंत्र का लोकनृत्…
राजनीति के इस विराट मंचीय मेले में एक ऐसा खिलाड़ी भी है, जो हर चुनाव के बाद “अकेला” घोषित कर दिया जाता है, पर…
भारतीय स्कूली शिक्षा का रूपांतरण: NCFSE 2023 और एक नए युग का सूत्रपात भारतीय शिक्षा के इतिहास में कुछ क्षण के…
गीत: रणघोष खत्म हुआ अज्ञातवास अब, टूटा संयम का आधार। छन्दों की प्रत्यंचा कस ली, गूँजेगी रण में टंकार॥ देने आय…
कोटर, सतना (मध्यप्रदेश) के मूल निवासी कवि, लेखक व साहित्यकार आचार्य प्रताप का बहुप्रतीक्षित प्रथम गीत–संग्रह …