प्रचलन महाराज की जय!
प्रचलन महाराज की जय! आजकल भाषा बड़ी लोकतांत्रिक हो गई है। जो जितनी बार बोला जाए, वही उतनी शीघ्र "सही&quo…
प्रचलन महाराज की जय! आजकल भाषा बड़ी लोकतांत्रिक हो गई है। जो जितनी बार बोला जाए, वही उतनी शीघ्र "सही&quo…
पुस्तक समीक्षा पुस्तक का नाम: ओला ड्राइवर लेखिका: इन्द्रजीत कौर विधा: कहानी संग्रह प्रकाशक का नाम: शब्दां…
क्षणिक सुख का बाज़ार और स्थायी सुकून की दिवालियापन कथा क हते हैं, संसार में सबसे सस्ती वस्तु यदि कोई है तो वह…
परीक्षा का शहर: पहले रहस्य, फिर यात्रा और अंत में परीक्षा आ जकल सरकारी परीक्षाओं का सबसे कठिन प्रश्नपत्र वह न…
परीक्षा का शहर: पहले रहस्य, फिर यात्रा और अंत में परीक्षा आ जकल सरकारी परीक्षाओं का सबसे कठिन प्रश्नपत्र वह न…
राजनीति का विचित्र मौसम आजकल राजनीति का बड़ा विचित्र मौसम चल रहा है। हर दल अपने-अपने खेत में विकास की ऐसी फसल…
खाद की कतार में खड़ा लोकतंत्र ब रसात की पहली फुहार गिरते ही किसान का मन वैसे ही हरा हो जाता है जैसे चुनाव के …
हिं दी की साहित्यिक पत्रिकाओं में इन दिनों 'विशेषांक' निकालने की एक ऐसी गतानुगतिक महामारी फैली है कि…
Rebuilding the Culture of Discipline and Sportsmanship in Schools In every educational institution, the found…
|| The Universal Form of Sri Krishna - Arjuna's Experience || Once, at the beginning of the great war at …
ऊर्जा प्राप्त करने का मंत्र 'गतिशीलता ' गति का अर्थ होता है चलायमान होना , यदि हमारा जीव…
अक्षरवाणी संस्कृत समाचार पत्र के सम्पादकीय पृष्ठ में