#Sanskrit
कुन्ती का पाण्डु विरह
कुन्ती का पाण्डु विरह हा पाण्डो! विगतोऽसि कुत्र नृपते मत्वा विहाय प्रियाम्। शून्यं मे हृदयं विद…
कुन्ती का पाण्डु विरह हा पाण्डो! विगतोऽसि कुत्र नृपते मत्वा विहाय प्रियाम्। शून्यं मे हृदयं विद…
#दोहे ------- जिस दिन युवा देश के , समझेगे निज पाथ**। संस्कृत अरु साहित्य को , लेंगे हाथों-हाथ।।०१।। ----- आ…
एक शिक्षक की भूमिका समाज के निर्माण में , देश के निर्माण में और भावी भविष्य की नवयुवा पीढ़ी के निर्माण म…