विद्या ददाति विनयम् : डिग्रियों के जंगल में खोया विनय
विद्या ददाति विनयम् : डिग्रियों के जंगल में खोया विनय विद्यालय की दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा रहता …
विद्या ददाति विनयम् : डिग्रियों के जंगल में खोया विनय विद्यालय की दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा रहता …
माधव! तुम्हारी योजनाएँ मेरी बुद्धि से बाहर हैं। पर मेरा विश्वास है कि मेरे लिए कोई खड़ा हो या न हो, तुम मेरा …
विद्या ददाति विनयम् : डिग्रियों के जंगल में खोया विनय विद्यालय की दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा रहता …
कहते हैं कि ज्ञान ही शक्ति है। परन्तु यह बात उस युग की है जब ज्ञान का अर्थ वेद, विज्ञान, दर्शन या अनुभव हुआ क…
तुलसी तुलसी सब कहैं,तुलसी वन की घास। हुई कृपा जो राम की, बन गए तुलसीदास।। कई लोग कृपा से "तुलसीदास"…
हमारे लोकतंत्र में न्याय अब तुलसीदास के राम जैसा हो गया है—सबको दिखता है, पर मिलता बिरलों को है। कहते हैं कि …
कभी-कभी लगता है कि अरेंज मैरिज की व्यवस्था किसी ऋषि-मुनि ने नहीं, बल्कि पुरुष समाज के किसी दूरदर्शी रणनीतिकार…
कहते हैं कि लोकतंत्र के चार स्तंभ होते हैं। पहले तीन स्तंभों की हालत पर चर्चा बाद में कर लेंगे, फिलहाल चौथे स…
हमारे देश का युवा बड़ा जिम्मेदार प्राणी है। उसे अपने भविष्य की नहीं, अपने पसंदीदा खिलाड़ी के स्ट्राइक रेट की …
“क्षमाशस्त्रं करे यस्य दुर्जनः किं करिष्यति।” हमारे देश में शस्त्रों की बड़ी महिमा रही है। किसी के पास तलवार …