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गीत: महाविश्राम : आचार्य प्रताप
गीत: महाविश्राम नश्वर काया का यह अंतिम, तीरथ है शमशान। राख बनेगी माटी सबकी, तज झूठा अभिमान।। राजा हो या रं…
गीत: महाविश्राम नश्वर काया का यह अंतिम, तीरथ है शमशान। राख बनेगी माटी सबकी, तज झूठा अभिमान।। राजा हो या रं…