घनाक्षरी
शिव की बारात - घनाक्षरी
घनाक्षरी गंगा जी को सिर साधे, वासकि को कंठ बाँधे, त्रिशूलपाणि संग में ही लाए हुए बाराती। मस्ती में झूम रहे, …
घनाक्षरी गंगा जी को सिर साधे, वासकि को कंठ बाँधे, त्रिशूलपाणि संग में ही लाए हुए बाराती। मस्ती में झूम रहे, …
शब्दों का आधार ध्वनि है, तब ध्वनि थी तो स्वाभाविक है शब्द भी थे। किन्तु व्यक्त नहीं हुये थे, अर्थात उनका ज्ञा…