Hindi Satire
सभ्यता की धोती और भाषा की बनियान
सभ्यता की धोती और भाषा की बनियान स माज बड़ा विचित्र जीव है। दिन में संस्कारों की चादर ओढ़े घूमता है और रात हो…
सभ्यता की धोती और भाषा की बनियान स माज बड़ा विचित्र जीव है। दिन में संस्कारों की चादर ओढ़े घूमता है और रात हो…
घनाक्षरी गंगा जी को सिर साधे, वासकि को कंठ बाँधे, त्रिशूलपाणि संग में ही लाए हुए बाराती। मस्ती में झूम रहे, …
शब्दों का आधार ध्वनि है, तब ध्वनि थी तो स्वाभाविक है शब्द भी थे। किन्तु व्यक्त नहीं हुये थे, अर्थात उनका ज्ञा…