कलियुग में त्रेता की 'नेमप्लेट'
धन्य हैं वे महानुभाव जिनकी दिव्य दृष्टि ने यह खोज निकाला है कि भारत में 'त्रेता युग' वापस आ गया है! औ…
धन्य हैं वे महानुभाव जिनकी दिव्य दृष्टि ने यह खोज निकाला है कि भारत में 'त्रेता युग' वापस आ गया है! औ…
आंदोलन, आरती और बेरोज़गारी का राष्ट्रीय उत्सव हमारा देश बड़ा लोकतांत्रिक है। यहाँ हर आदमी को अधिकार है कि वह …
देश बदल रहा है। पहले बच्चों से पूछा जाता था— “बेटा बड़े होकर क्या बनोगे?” अब पूछा जाता है— “बेटा, ट्रोल बनोगे…
जो स्वयं “लाल हिट” की शीशी लेकर समाज के हर कोने में छिड़काव करने निकले थे, आज वही अपने आँगन में पनपते “कॉकरोच…
भूमिका के रूप में यह समझ लीजिए कि हमारे देश में परीक्षा अब केवल परीक्षा नहीं रह गई है, वह लोकतंत्र का लोकनृत्…
हमारे लोकतंत्र में न्याय अब तुलसीदास के राम जैसा हो गया है—सबको दिखता है, पर मिलता बिरलों को है। कहते हैं कि …
राजनीति के इस विराट मंचीय मेले में एक ऐसा खिलाड़ी भी है, जो हर चुनाव के बाद “अकेला” घोषित कर दिया जाता है, पर…
We’ve all witnessed it. A teenager speaks disrespectfully to a waiter at a restaurant, or a young child throw…
The shifting landscapes of educational policies often bring a wave of apprehension to school corridors and fa…
I n the polished corridors of modern, private education, we educators have become philosophers of a dying art…
हिं दी की साहित्यिक पत्रिकाओं में इन दिनों 'विशेषांक' निकालने की एक ऐसी गतानुगतिक महामारी फैली है कि…
The Blame Game: Why Schools Can't Raise Your Child Alone We’ve all witnessed it. A teenager speaks disres…
Are We Educating Children or Just Generating Marks? A recent incident at a highly reputed school has brought …
दक्षिण भारत की हृदयस्थली, तमिलनाडु के सेलम जनपद से विगत अठ्ठाईस वर्षों से निरवच्छिन्न रूप से प्रकाशित होने वा…
भारतीय स्कूली शिक्षा का रूपांतरण: NCFSE 2023 और एक नए युग का सूत्रपात भारतीय शिक्षा के इतिहास में कुछ क्षण के…
The NCFSE 2023 Implementation: A Strategic Shift in Indian Schooling The recently unveiled Secondary School C…
*From a Typo to a Global Phenomenon: The True History of "O.K."* As an educator and researcher of l…
पुष्पक साहित्यिकी: एक युग का समापन और वैचारिक विरासत हिंदी साहित्य जगत के लिए 'पुष्पक साहित्यिकी' का …
The Campus "Equity" Row: A Battle of Definitions A Weekly Reflection on India’s 2026 Regulatory Fla…
जन्मदिवस की शुभकामनाएँ || जीवेम् शरदः शतम् , पश्येम् शरदः शतम् || किलकारियाँ दे कर धरा में, आगमन यह जानना। शु…
The Death of the "Generalist" Degree? A Weekly Reflection on India’s 2026 Education Pivot The past …
गीत: महाविश्राम नश्वर काया का यह अंतिम, तीरथ है शमशान। राख बनेगी माटी सबकी, तज झूठा अभिमान।। राजा हो या रं…
" ऐ चाँद तुझे देखूँ" - संवेदना और संस्कार का सहज सृजन समीक्षक: आचार्य प्रताप कृति: ऐ चाँद तुझे…