बिजली रानी का लोकतांत्रिक लुकाछिपी
बिजली रानी का लोकतांत्रिक लुकाछिपी खेल कोटर क्षेत्र में इन दिनों बिजली ने शायद कोई नया लोकतांत्रिक सिद्धांत ख…
बिजली रानी का लोकतांत्रिक लुकाछिपी खेल कोटर क्षेत्र में इन दिनों बिजली ने शायद कोई नया लोकतांत्रिक सिद्धांत ख…
“सूर्पणखा अभी जीवित है, बस चेहरे बदल गए हैं” इतिहास बड़ा विचित्र जीव है। वह कभी मरता नहीं, केवल कपड़े बदलता र…
“अच्छा कौन है?” — आईनों का महापंचायत यह बड़ा विचित्र समय है। यहाँ हर व्यक्ति अपने साथ एक अदृश्य प्रमाणपत्र ले…
“अच्छा कौन है?” — आईनों का महापंचायत यह बड़ा विचित्र समय है। यहाँ हर व्यक्ति अपने साथ एक अदृश्य प्रमाणपत्र ले…
प्रेम : इस समय का सबसे बड़ा विद्रोह "मेरे बच्चे, तुम इतना प्रेम करना कि एक नफ़रत से भरते समाज में तुम्हा…
विद्यालय खुलेगा, शिक्षक बाद में आएँगे! जून का महीना आते ही बादलों से पहले आदेशों की गर्जना सुनाई देने लगती है…
विधानसभा का पंचदिवसीय महायज्ञ अगर हरिशंकर परसाई और शरद जोशी आज होते और विधानसभा के पाँच दिवसीय सत्र की यह सूच…
स्वरात्मिका : जब हमारे घर एक स्वर ने जन्म लिया “Welcome to the brutal world, baby. We are glad you landed saf…
लोकतंत्र बड़ा विचित्र जीव है। यह न तो पूरी तरह गाय है कि हर कोई दुह ले, न पूरी तरह शेर है कि सब उ…
राजनीति बड़ी विचित्र वस्तु है। यहाँ आदमी चुनाव हारने के बाद भी अपने को विजेता मानता है और जीतने वाला पाँच वर्…
आजकल राजनीति का बड़ा विचित्र मौसम चल रहा है। हर दल अपने-अपने खेत में विकास की ऐसी फसल उगा रहा है कि लगता है म…
"चेहरे की खूबसूरती समय के साथ ढल जाती है, लेकिन ज्ञान की चमक उम्रभर रहती है" — यह वाक्य आजकल विद्या…
खाद की कतार में खड़ा लोकतंत्र बरसात की पहली फुहार गिरते ही किसान का मन वैसे ही हरा हो जाता है जैसे चुनाव के प…
दो बच्चे वाले नियम की विदाई: अब जनसंख्या भी मुस्कुरा रही है मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नई खुशखबरी…
कॉस्मिक वाई-फाई, वैतरणी का नेटवर्क और परलोक का डेटा पैक श्मशान बड़ा अद्भुत स्थान है। यहाँ आदमी पहली बार अपने …
“पोस्टर में भारत, परदे के पीछे हिंदुस्तान” आजकल देश को समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि अख़बार मत पढ़िए, बजट…
“समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है।” हमारे समाज में न्यायाल…
“समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है।” हमारे समाज में न्यायाल…
कहा जाता है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं होता है, पर आधुनिक युग में यह वाक्य कुछ संशोधित हो गया है—…
कहा गया है कि कर्म मनुष्य के चरित्र का दर्पण होते हैं। यह बात सुनने में जितनी सरल लगती है, व्यवहार में उतनी ह…
नाम बदलो, ज्ञान बाद में देंगे! मध्य प्रदेश में शिक्षा इन दिनों बड़ी प्रगतिशील हो गई है। पहले विद्यालय बच्चों …
बंदरों का विजय उत्सव और उजड़ते खेत का लोकतंत्र गाँव के बाहर एक मक्के का खेत था। खेत का मालिक बड़ा निर्दयी आद…