कलंक चढ़ावा और भगवान की गवाही
कलंक, चढ़ावा और भगवान की गवाही हमारे देश में भगवान बड़े उदार हैं। वे अपने भक्तों को सब कुछ दे देते हैं—आस्था,…
कलंक, चढ़ावा और भगवान की गवाही हमारे देश में भगवान बड़े उदार हैं। वे अपने भक्तों को सब कुछ दे देते हैं—आस्था,…
शिक्षा का मंदिर कहते हैं शिक्षा मंदिर है, पर लगता है अब इस मंदिर में घंटियाँ ज़्यादा हैं और पुजारी कम। सरकार…
उत्कोचपुराण : जहाँ बिना चढ़ावे देवता भी मौन रहते हैं कहा जाता है कि भारत आस्था का देश है। यहाँ मनुष्य देवालय …
"परिणाम पहले, सम्मान बाद में" — शिक्षा विभाग का नया दर्शन हमारे देश में शिक्षा का सबसे बड़ा संकट यह…
दैनिक मज़दूरी का लोकतंत्र और अतिथि शिक्षक का स्थायी अस्थायित्व लोकतंत्र बड़ा दयालु जीव है। वह सबको बराबरी का …
" अतिथि शिक्षक: सरकारी भूलभुलैया का अंतिम जीवित पात्र" मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षक होना अब नौकरी क…
ई अटेंडन्स का महाभारत: गुरुजी पढ़ाएँ कम, प्रतिशत ज़्यादा बचाएँ! सरकारी व्यवस्थाओं की सबसे बड़ी विशेषता यही है…
समुद्र मंथन : चौदह रत्नों से आगे छिपे सनातन ज्ञान के अनगिनत रत्न आज मन में विचार आया कि अपने यथावत आलेख में क…
चुल्लू भर पानी की तलाश में सरकार लोकतंत्र बड़ा उदार प्राणी है। वह जनता को अपनी बात कहने की पूरी स्वतंत्रता दे…
अपने भीतर गाँव ज़िंदा रखना "अपने भीतर गाँव ज़िंदा रखना, नीम, पीपल और बरगद की छाँव ज़िंदा रखना।" आजक…
परीक्षा का शहर: पहले रहस्य, फिर यात्रा और अंत में परीक्षा आजकल सरकारी परीक्षाओं का सबसे कठिन प्रश्नपत्र वह नह…
मन महाराज का लोकतंत्र मन बड़ा लोकतांत्रिक जीव है। उसे किसी संविधान, नियमावली या आचार संहिता से कोई विशेष लगाव…
सभ्यता की धोती और भाषा की बनियान समाज बड़ा विचित्र जीव है। दिन में संस्कारों की चादर ओढ़े घूमता है और रात होत…
परीक्षा का शहर: पहले रहस्य, फिर यात्रा और अंत में परीक्षा आजकल सरकारी परीक्षाओं का सबसे कठिन प्रश्नपत्र वह नह…
माँ कामाख्या देवी: 'रजस्वला' होने की मान्यता और उसका आध्यात्मिक रहस्य माँ कामाख्या धाम, असम के में स…
“ मोदी है तो मुमकिन है : ए.सी. कोच का लोकतंत्रीकरण” रेल यात्रा भी बड़ी अद्भुत चीज है। यह केवल एक स्थान से दूस…
चींटियाँ, गन्ना और लोकतंत्र का गणित किसी गाँव के बुजुर्ग ने एक दिन बड़ी गूढ़ बात कही— "चींटियाँ तादात मे…
स्कोरकार्ड महाराज की जय हो! कहा जाता है कि लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए होता है। पर हमारे …
डिग्री की अलमारी और शिक्षा का आईना आजकल शिक्षा बड़ी विचित्र वस्तु हो गई है। पहले लोग ज्ञान प्राप्त करने के लि…
पिता : घर की वह दीवार, जिसे कभी रंगा नहीं जाता आज के युग में जब हर चीज़ की ब्रांडिंग होती है, हर भावना का प्र…
बिजली रानी का लोकतांत्रिक लुकाछिपी खेल कोटर क्षेत्र में इन दिनों बिजली ने शायद कोई नया लोकतांत्रिक सिद्धांत ख…
“सूर्पणखा अभी जीवित है, बस चेहरे बदल गए हैं” इतिहास बड़ा विचित्र जीव है। वह कभी मरता नहीं, केवल कपड़े बदलता र…