Acharypratap
प्रचलन महाराज की जय!
प्रचलन महाराज की जय! आजकल भाषा बड़ी लोकतांत्रिक हो गई है। जो जितनी बार बोला जाए, वही उतनी शीघ्र "सही&quo…
प्रचलन महाराज की जय! आजकल भाषा बड़ी लोकतांत्रिक हो गई है। जो जितनी बार बोला जाए, वही उतनी शीघ्र "सही&quo…
“समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है।” हमारे समाज में न्यायाल…
“समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है।” हमारे समाज में न्यायाल…
कहा जाता है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं होता है, पर आधुनिक युग में यह वाक्य कुछ संशोधित हो गया है—…
तुलसी तुलसी सब कहैं,तुलसी वन की घास। हुई कृपा जो राम की, बन गए तुलसीदास।। कई लोग कृपा से "तुलसीदास"…