गुरुवार, 24 सितंबर 2020

दोहा

#दोहे

संबंधों में लाभ हित , त्यागें सभी विवाद।
लाभांवित हो जाय तन , ज्यों त्यागें निज स्वाद।।०१।।
----
समय बड़ा ही भिन्न है ,  बड़े भिन्न हैं लोग।
पास कुछों के है नहीं , कुछ का कटे न योग।।०२।।
-----
समय सिखाए जगत को  , लोग पराये कौन?
दिखे किसी को यह नहीं , किंतु दिखाए मौन।।०३।।
-----
आचार्य प्रताप

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आपकी टिप्पणी से आपकी पसंद के अनुसार सामग्री प्रस्तुत करने में हमें सहयता मिलेगी। टिप्पणी में रचना के कथ्य, भाषा ,टंकण पर भी विचार व्यक्त कर सकते हैं