शिक्षा जगत में अतुलनीय योगदान: अकादमिक नेतृत्वकर्ता डॉ. राहुल प्रताप सिंह 'आचार्य प्रताप' राष्ट्रीय राजधानी में सम्मानित
शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रसिद्ध शिक्षाविद् और अकादमिक नेतृत्वकर्ता (Academic Leader) डॉ. राहुल प्रताप सिंह को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली में एक भव्य समारोह के दौरान सम्मानित किया गया है। शिक्षण क्षेत्र और भाषा के संवर्धन में उनके अतुलनीय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें दिल्ली सरकार, हिंदी अकादमी तथा प्रतिष्ठित ‘मधुबन पब्लिकेशन’ की ओर से यह गौरवमयी सम्मान प्रदान किया गया।
मधुबन पब्लिकेशन द्वारा आयोजित 'हिंदी हैं हम' समारोह में देश भर के गणमान्य शिक्षाविदों, साहित्यकारों और भाषाविदों का विशाल समागम हुआ। इस गरिमामय आयोजन का मुख्य आकर्षण नव-सृजित अकादमिक साहित्य रहा, जहाँ मधुबन पब्लिकेशन द्वारा संस्कृत और हिंदी भाषा की १० से अधिक नवीन पुस्तकों का भव्य विमोचन भी किया गया।
समारोह में डॉ. राहुल प्रताप सिंह की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुदूर सिक्किम (गंगटोक) से आकर दिल्ली के इस राष्ट्रीय मंच पर सम्मान प्राप्त करना उनकी अकादमिक निष्ठा, नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति उनके असीम समर्पण को दर्शाता है। एक भाषा शिक्षक और समन्वयक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों में साहित्यिक ज्ञान और भारतीय संस्कारों के प्रति जो चेतना जाग्रत की है, मंच से आयोजकों ने उसकी मुक्त कंठ से सराहना की।
इस वृहद आयोजन में देश के २९ राज्यों से आए २०० से अधिक शिक्षकों ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। डॉ. राहुल प्रताप सिंह को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उन सभी शिक्षकों के लिए एक सशक्त प्रेरणा है, जो पूर्ण मनोयोग से शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण के पुनीत कार्य में संलग्न हैं। इस सम्मान ने अकादमिक जगत में उनके उत्कृष्ट योगदान को एक राष्ट्रीय पहचान दी है।